भारत सरकार और राज्य सरकारें महिलाओं और नवजात शिशुओं के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए कई योजनाएँ चलाती हैं। इन्हीं में से एक प्रमुख योजना है जननी सुरक्षा योजना (JSY), जिसके तहत सरकारी अस्पताल या मान्यता प्राप्त प्राइवेट अस्पताल में डिलीवरी कराने पर आर्थिक सहायता दी जाती है।
जननी सुरक्षा योजना (JSY) क्या है?
जननी सुरक्षा योजना केंद्र सरकार की योजना है, जिसे राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के अंतर्गत चलाया जाता है। इसका उद्देश्य है कि ज्यादा से ज्यादा महिलाएं अस्पताल में सुरक्षित प्रसव कराएं, जिससे माँ और बच्चे दोनों की जान सुरक्षित रहे।
डिलीवरी पर कितना पैसा मिलता है?
जननी सुरक्षा योजना के तहत मिलने वाली राशि राज्य और क्षेत्र (ग्रामीण या शहरी) के अनुसार अलग-अलग होती है।
ग्रामीण क्षेत्र में:
सामान्य राज्य: ₹1,400 तक
उच्च प्राथमिकता वाले राज्य (जैसे यूपी, बिहार, मध्य प्रदेश, राजस्थान आदि): ₹1,400
ASHA कार्यकर्ता को अतिरिक्त ₹600 तक
शहरी क्षेत्र में:
सामान्य राज्य: ₹1,000
उच्च प्राथमिकता वाले राज्य: ₹1,000
ASHA को अलग से प्रोत्साहन राशि
यानी कुल मिलाकर ₹1,000 से ₹1,400 तक की सहायता मिल सकती है।
सरकारी अस्पताल में और क्या-क्या मुफ्त मिलता है?
सरकारी अस्पताल में डिलीवरी कराने पर केवल पैसे ही नहीं, बल्कि कई सुविधाएं मुफ्त मिलती हैं:
डिलीवरी पूरी तरह मुफ्त
दवाइयाँ
जांच (अल्ट्रासाउंड, ब्लड टेस्ट आदि)
अस्पताल में भोजन
एम्बुलेंस सेवा (102/108)
नवजात शिशु की देखभाल
इस सुविधा को जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम (JSSK) के तहत दिया जाता है।
पैसा कैसे और कब मिलता है?
डिलीवरी के बाद अस्पताल द्वारा दस्तावेज पूरे किए जाते हैं
पैसा सीधे महिला के बैंक खाते में DBT के माध्यम से भेजा जाता है
कुछ राज्यों में यह राशि डिस्चार्ज के समय या कुछ दिनों बाद मिलती है
जरूरी दस्तावेज
आधार कार्ड
बैंक खाता विवरण
गर्भावस्था पंजीकरण (ANC कार्ड)
निवास प्रमाण पत्र
किन महिलाओं को लाभ मिलता है?
19 वर्ष या उससे अधिक उम्र की गर्भवती महिलाएं
BPL, SC/ST, या सामान्य वर्ग की महिलाएं
पहली या दूसरी डिलीवरी (कुछ राज्यों में सभी डिलीवरी पर)
सरकारी हॉस्पिटल में डिलीवरी कराना न केवल सुरक्षित है बल्कि आर्थिक रूप से भी फायदेमंद है। ₹1,000 से ₹1,400 तक की सहायता, मुफ्त इलाज और नवजात की देखभाल—ये सभी सुविधाएं सरकार द्वारा दी जाती हैं ताकि कोई भी महिला सिर्फ पैसों की वजह से असुरक्षित डिलीवरी न कराए।

